उत्तराखंड में सबसे पहले कहा चलेगी मेट्रो, अब केंद्र के पास भेजा टनकपुर से काठगोदाम खटिमा तक का मेट्रो का प्रस्ताव

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उत्तराखंड के लोगों के लिए मेट्रो का सपना एक सपना है जिसे वे लंबे समय से देख रहे हैं। पहले तो यह योजना देहरादून में मेट्रो बनाने की थी लेकिन ऐसा लगता है कि यह योजना अधिकारियों को पसंद नहीं आई। अब एक बार फिर से उत्तराखंड के लोग मेट्रो ट्रेन में सफर करने का सपना देख सकेंगे। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और काठगोदाम-हल्द्वानी से रामनगर-काशीपुर-जसपुर-बाजपुर-गदरपुर-रुद्रपुर-लालकुआ-किच्छा-नानकमत्ता-सितारगंज होते हुए यात्रा की। बैठक के दौरान खटीमा-टनकपुर तक मेट्रो ट्रेन संचालन को लेकर मांग पत्र दिया गया।

मेट्रो बनने से SIDCUL के रोज़गारित लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

कहा जा रहा है कि इस क्षेत्र में मेट्रो से प्रदेश और क्षेत्र में पर्यटन तो बढ़ेगा ही लेकिन उधम सिंह नगर में नौकरी करने वाले लोगों के लिए यह ज्यादा फायदेमंद होगा। सिडकुल उधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत रुद्रपुर शहर और सितारगंज में स्थित होने के कारण वहां पहाड़ी, तराई और देश के अन्य क्षेत्रों के लोग काम करते हैं, लेकिन वर्तमान में वहां काम करने वाले श्रमिकों, कर्मचारियों, अधिकारियों को बस या अन्य साधनों से जाना पड़ता है। जिसमें समय भी अधिक लगता है और लागत भी अधिक आती है, यदि उक्त स्थानों पर मेट्रो ट्रेन का संचालन किया जाता है तो सिडकुल में कार्यरत श्रमिकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अपने कार्यस्थल पर जाने में काफी सुविधा होगी।

विश्व प्रसिद्ध नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब उत्तराखंड राज्य के उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में स्थित है और यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। वर्तमान में जनपद नैनीताल एवं उधम सिंह नगर एवं इसके आसपास बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग निवास करते हैं तथा राज्य के सम्पूर्ण तराई क्षेत्र के लोग भी उक्त स्थानों पर कार्य करते हैं, जिसके कारण जनपद नैनीताल, उधम सिंह नगर एवं प्रदेश का सम्पूर्ण तराई क्षेत्र कार्यरत है। आना-जाना लगा रहता है।

अजय भट्ट ने बताया कि पूर्णागिरि धाम एक और विश्व प्रसिद्ध अति प्राचीन धार्मिक स्थल है जो चंपावत जिले के टनकपुर में स्थित है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन-पूजन के लिए आते रहते हैं। यदि उपरोक्त शहरों को जोड़ते हुए काठगोदाम से टनकपुर तक ट्रेन संचालित की जाए तो लोगों को काफी सुविधाएं मिलने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक भी आसानी से मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन कर सकेंगे।